Zakaat Ke Masail | औरतों से रिलेटेड ज़कात के मसाइल | Hindi

कितने माल पर ज़कात वाजिब होती है

शरीअत ने माल पर एक लिमिट रखी है कि अगर आप के पास इतना माल है तो आप पर ज़कात ( Zakaat ) फ़र्ज़ है और इस लिमिट को ज़कात का निसाब कहते हैं खैर वो लिमिट क्या है ये पहले हम जान लें

सोने की लिमिट : अगर आप के पास साढ़े सात तोला सोना (478 ग्राम ) है तो आप पर ज़कात वाजिब है

चांदी की लिमिट : अगर साढ़े बावन तोला चांदी ( 621 ) है तो आप पर ज़कात वाजिब है

और अगर ये दोनों हैं लेकिन अपनी अपनी लिमिट को नहीं पहुँच रहे हैं तो दोनों को तौला जायेगा और ये देखा जायेगा कि दोनों को मिला कर कीमत इस लिमिट को पहुँच रही है अगर पहुँच रही है तो उस पर ढाई परसेंट ज़कात वाजिब हो जायेगी ( सौ रूपए में से ढाई रूपए )

नाबालिग लड़का या लड़की पर ज़कात

नाबालिग लड़का या लड़की अगर मालदार है और उसके पास इतनी मालियत है जो ज़कात ( Zakaat ) के निसाब को पहुँचती है तो उस पर ज़कात वाजिब नहीं होगी क्यूंकि शरीअत के हुक्म उस पर लागू होते हैं जो बालिग़ हो चूका हो इसलिए अगर बच्चा या बच्ची के पास इतनी मालियत है जो ज़कात के निसाब को पहुँचती है तब भी उस पर ज़कात वाजिब नहीं होगी

बीवी को ज़कात देना

ज़कात ( Zakaat ) का माल किस को दें और किसको न दें इस सिलसिले में एक आम कानून ये है कि जिसकी ज़िम्मेदारी आप पर वाजिब और ज़रूरी हो उस को ज़कात का माल देना जाएज़ नहीं और अगर देदी तो ज़कात अदा नहीं होगी

ऐसे ही बीवी के मसले को अगर आप देखें तो बीवी की ज़िम्मेदारी और बीवी का नान नफ्का शौहर पर वाजिब और ज़रूरी है और शरीअत ने बीवी की ज़िम्मेदारी शौहर पर डाली है इसलिए शौहर अपनी बीवी को ज़कात नहीं दे सकता बल्कि उन को दे जो उसकी ज़िम्मेदारी में न हो

बीवी का शौहर को ज़कात देना

इसी तरह अगर बीवी शौहर ( Zakaat ) को ज़कात दे तो ये जाएज़ नहीं होगा इस तरह ज़कात की अदायगी नहीं होगी

महर में ज़कात

महर औरत का खालिस हक है और उसकी अदायगी को शरीअत ने शौहर पर लाजिम और ज़रूरी बताया है | इसलिए बेहतर तो यही है कि निकाह के फ़ौरन बाद शौहर को महर अदा कर देना चाहिए लेकिन अगर शादी के वक़्त न कर सका तो जितनी जल्दी हो सके उसको अदा करने की कोशिश करनी चाहिए

अब अगर शौहर ने महर अदा कर दिया तो औरत उसकी मालिक होगी और और जैसे चाहे उसको इस्तेमाल करे लेकिन जब उस मिली हुई महर की रक़म पर एक साल पूरा होगा तो औरत पर ज़कात वाजिब होगी और उसका अदा करना औरत पर ज़रूरी होगा

औरत के जेवरात पर ज़कात

औरत सोने के जेवरात इस्तेमाल करती है अगर उनकी कीमत इतनी है जो ज़कात के निसाब को पहुँच रही हो तो जैसे ही साल उन पर पूरा होगा ज़कात वाजिब हो जाएगी

जेहेज़ के सामान पर ज़कात

लड़की की शादी के वक़्त वालिदेन की तरफ से जो सामान मिलता है उस में अगर सोना चांदी के जेवरात हैं और वो ज़कात की लिमिट को पहुँच रहे हैं तो उस पर ज़कात वाजिब होगी

 

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