Shabe Barat 2024 | 15 Shaban | शबे बरात और 15 शाबान क्या है ?

Shabe Barat 2021 | 15 Shaban

शबे बरात और 15 शाबान क्या है ?

शब् हिन्दी में कहते हैं रात को, और बरात का मतलब है बरी होना, आज़ाद होना यानि गुनाहों से बरी हो जाना, छूट जाना और अरबी महीने शाबान की 15 तरीख को ये रात होती है जिसको शबे बरात कहते हैं |

इस रात की इतनी फ़ज़ीलत है कि अगर कोई बंदा सवाब की उम्मीद के साथ इबादत करते हुए अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांगे तो अल्लाह तआला बहुत जल्द गुनाहों को माफ़ कर देंगे |

फ़ज़ीलत वाली रातें कौन कौन सी हैं ?

1. लैलतुल क़द्र ( जो रमज़ान के आखिरी अशरे में होती है )

2. ईदुल फ़ित्र की रात

3. ईदुल अज़हा ( ईदे क़ुरबानी ) की रात,

4. 15 शाबान की रात यानि शबे बरात

इस रात की क्या ख़ासियत है ?

जैसे पूरे साल का बजट सरकार पेश करती है कि पूरे साल क्या होगा उसी तरह इस रात में आने वाले साल के तमाम क़ुदरती कामों का लेखा जोखा अल्लाह तआला फ़रिश्तों को दे देते हैं जैसे लोगों की ज़िन्दगी और मौत वगैरह |

Shabe Baraat Me 6 Kaam Karne Chahiye | शबे बरात में ये 6 काम करना चाहिए

 

इस रात में क्या कोई ख़ास इबादत है ?

नहीं इस रात में कोई इबादत ख़ास नहीं जो सुन्नत से साबित हो, हाँ नफ्ली इबादत कोई भी कर सकते हैं, जैसे नफ्ल नमाज़ पढ़ना, क़ुरान की तिलावत करना, अल्लाह का ज़िक्र करना, दुआ करना, क्यूंकि ये रात बखशिश की रात है इसी लिए अल्लाह के सामने अपने गुनाहों की माफ़ी ज़रूर माँगना |

क्या इस रात में सलातुत तस्बीह पढ़ना ज़रूरी है ?

नहीं ! जैसा कि मैंने ऊपर कहा है इस रात में कोई इबादत ख़ास नहीं है, हाँ नफ्ली इबादत जो भी चाहे कर सकते हैं, जहाँ तक सलातुत तस्बीह की बात है तो ये नमाज़ नफ्ल है और फ़ज़ीलत वाली है आप चाहे तो पढ़ लें क्यूंकि इस नमाज़ की इतनी फ़ज़ीलत है कि इसको सिर्फ इसी रात में नहीं बल्कि पूरे साल में कई बार पढना चाहिए |

क्या सलातुत तस्बीह जमात के साथ पढ़ी जा सकती है ?

नहीं ! नफ्ल नमाज़ जमात के साथ नहीं पढ़ी जाती बल्कि उसे अलग अलग अपने तौर पर पढ़ें |

सलातुत तस्बीह कैसे पढ़ें ?

इस रात में इबादत मस्जिद में करें या घर में ?

हमारे नबी स.अ. ने फ़रमाया कि अपने घरों को कब्रिस्तान न बनाओ मतलब ये है कि फ़र्ज़ नमाज़ों के अलावा नफ्ल, सुन्नतों और ज़िक्र से अपने घर को मुनव्वर और रोशन करों, और इस रात में इबादत नफ्ली है इसलिए ये घर में करें तो ज्यादा बेहतर है क्यूंकि नफ्ली इबादत के लिए लोगों का इकठ्ठा करना ठीक नहीं है अपने तौर पर जितना हो सके करना चाहिए |

 

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