Idul Azha Namaz Ghar Par Kaise Padhen
घर पर इदुल अज़हा नमाज़ कैसे पढ़ें
अभी ईद का मौक़ा था लेकिन देखते ही देखते वक़्त का पता न चला और इदुल अजहा ( Idul azha ) का मुबारक मौक़ा आ गया लेकिन अभी कुछ नहीं बदला कोरोना वायरस का असर वैसे ही अपना दिखा रहा है और Lockdown के चलते मस्जिदों में जाने की इजाज़त नहीं है जिसकी वजह से तमाम मोमिनों की पेशानियाँ अल्लाह के दरबार में सजदा करने के लिए बेचैन हैं |
इन हालत के चलते हम ईदगाह में भी जाने कि इजाज़त नहीं पा सकते जहाँ तमाम मुस्लमान एक साथ जमा होकर नमाज़ अदा करते हैं और अपने दिल का दर्द अपनी दुआ में अल्लाह के सामने बयान करते हैं और फिर जब नमाज़ से फ़ारिग हो जाते हैं तो अपने सरे गिले शिकवे भुला कर एक दुसरे से ईद कि ख़ुशी का इज़हार करते हैं |

लेकिन इस बार हमें अपने घरों में ही बक़रीद की नमाज़ अदा करनी पड़ेगी मगर घर पर कैसे पढ़ें ये सवाल कई लोगों के ज़हेन में चल रहा होगा इसलिए यहाँ हम स्टेप ब स्टेप ईदुलजुहा की नमाज़ का तरीक़ा बताएँगे, उम्मीद है कि आप को इस से आपकी मुश्किल काफी आसन हो जाएगी |
Idul Azha Namaz Ka Tareeqa |घर पर इदुल अज़हा नमाज़ पढने का तरीक़ा
नमाज़ शुरू करने के लिए सब से पहले….
1. नियत करें
“नियत करता हूँ मै दो रकात नमाज़ 6 ज़ायेद तकबीरों के साथ पीछे इस इमाम के रुख मेरा काबे शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर
लेकिन अगर आप सिर्फ इतना कह लें कि इस इमाम के पीछे ईदुल अज़हा की नमाज़ अदा कर रहा हूँ तो यही काफी है |
2. पहली रकात
नियत करने के बाद अल्लाहु अकबर कह कर हाथ बाँध लें फिर सना पढ़ें

सना पढने के बाद तीन तक्बीरें कहनी होंगी
1. अल्लाहु अकबर : कह कर हाथ उठायें और छोड़ दें
2. अल्लाहु अकबर : कह कर हाथ उठायें और छोड़ दें
3. अल्लाहु अकबर : कह कर हाथ उठायें और बाँध लें
फिर सुरह फातिहा ( अलहम्दु शरीफ़ ) पढ़ें

और कोई सूरत पढ़ी जाएगी फिर रुकू और सजदा करके ये रकात पूरी की जाएगी |

3. दूसरी रकात
दूसरी रकात के लिए खड़े होने के बाद सुरह फातिहा ( अलहम्दु शरीफ़ ) पढ़ें

और कोई सूरत पढ़ लें जो भी आप को याद हो जैसे

इस के बाद आप को रुकू में जाना है लेकिन रुकू में जाने से पहले चार तक्बीरें कहनी हैं
1. अल्लाहु अकबर : कह कर हाथ उठायें और छोड़ दें
2. अल्लाहु अकबर : कह कर हाथ उठायें और छोड़ दें
3. अल्लाहु अकबर : कह कर हाथ उठायें और छोड़ दें
4. अल्लाहु अकबर : रुकू में चले जाएँ
और फिर इस के बाद अपनी दूसरी रकात वैसे ही पूरी करें जैसे आम नमाज़ें पढ़ते हैं इसको पूरा करने बाद खुतबा पढ़ें अगर आप इमाम के पीछे नमाज़ पढ़ रहे हैं तो अपनी जगह बैठे रहे और खुतबा सुने क्यूंकि खुतबा सुनना वाजिब है इसको सुने बगैर जाना नहीं चाहिए |
अब आपकी नमाज़ मुकम्मल हो गयी
ईद की नमाज़ जमात से अदा करने के लिए कितने आदमियों का होना ज़रूरी है
कम से कम चार आदमियों की, इस से कम लोग जमात से नमाज़ अदा नहीं कर सकते
अगर इतने लोग न हो सकें तो क्या करें
अकेले ईद की नमाज़ अदा नहीं की जा सकती हाँ उस की जगह चाश्त की नमाज़ दो रकात पढ़ लें
अल्लाह जल्द से जल्द हमारे हालात दुरुस्त फरमा दे ताकि हम मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ कर सकें
आमीन







मुझे उम्मिद है के आप सजदे साहू का भी मसाला तहरीर फरमाएंगे
ji maine is se pahle sajdae sahw ka masla baht tafseel se likha hai, aap is link par jakar padh sakte hai
https://www.deenibaatein.com/sajda-e-sahw-kya-hai-namaz-me-galati-par-kiya-jane-wala-sajda/