Allah Ke 99 Naam Aur Unke Fayde #3
अल्लाह के 99 नाम के फ़ायदे और फ़ज़ीलत
आप इस से पहले पिछली पोस्ट में अल्लाह के 99 नाम ( Allah Ke 99 Naam ) और उनके फ़ायदे और फजीलतों में से 45 आप पढ़ चुके हैं अब आगे के नामों के बारे में आप तफसील से पढ़ेंगे
46. अल वासिउ (Al-Waasiu)
वुसअत वाला
अगर किसी को बिच्छू ने डंक मार दिया हो उसे चाहिए कि इस नाम को सत्तर बार पढ़ कर दम कर दे इंशाअल्लाह ज़हर असर नहीं करेगा
47. अल हकीमु (Al-Hakeemu)
हिकमत वाला
जिसके हर काम में कोई न कोई रुकावट आ जाती हो तो वो इस नाम की तस्बीह पाबंदी से करे इंशाअल्लाह काम में रुकावट नहीं रहेगी
जो शख्स “या हकीमु” की तस्बीह खूब पढ़ा करे तो अल्लाह त आला उस पर इल्म व हिकमत के दरवाज़े खोल देंगे
48. अल वदूदु (Al-Wadoodu)
( बेहद मुहब्बत करने वाला )
अगर शौहर का बीवी से झगड़ा हो गया हो और आपस में नाचाकी चल रही हो तो एक 1000 बार “या वदूदु” पढ़ कर खाने पर दम कर दे और फिर खाना बीवी के साथ बैठ कर खाए तो इंशाअल्लाह दोनों के दरमियान मुहब्बत पैदा होगी और झगड़ा ख़त्म हो जायेगा
अगर किसी का बेटा बुरी संगत और बुराइयों में पड़ गया हो तो अल्लाह के इस नाम को जुमा के बाद 1001 बार किसी मीठी चीज़ या मिठाई पर पढ़ कर दम कर दे और फिर दो रकात नमाज़ अदा करे इसके बाद वो मिठाई अपने बेटे को खिलाये इंशाअल्लाह ग़लत आदतों को छोड़ कर नेक बन जायेगा
49. अल मजीदु (Al-Majeedu)
( बड़ा बुज़ुर्ग )
अगर कोई ऐसे मर्ज़ में मुब्तिला हो जो बहत तकलीफ़ द ह हो तो उसे चाहिए कि चाँद की तेरह, चौदह और पन्द्रह तारीख़ के रोज़े रखे और इफ़्तार करने के बाद अल्लाह के इस नाम को खूब पढ़ा करे इंशाअल्लाह उस मर्ज़ शिफ़ा मिल जाएगी
50. अल बाईस
( मुर्दों को ज़िन्दा करने वाला )
अगर कोई शख्स रोज़ाना सोते वक़्त सीने पर हाथ रखे और फिर एक सौ एक बार या बाइसु पढ़े इंशाअल्लाह उसका दिल इल्म और हिकमत से ज़िन्दा हो जायेगा
51. अश शहीदु (Ash Shahidu)
( हाज़िर व नाज़िर )
अगर किसी कि औलाद या किसी की बीवी नाफरमान हो गयी हो उसे चाहिए कि सुबह के वक़्त उसके माथे पर (पेशानी) हाथ रख कर “या शहीदु” इक्कीस बार पढ़ कर उस पर दम कर दे इंशाअल्लाह दोनों फरमा बरदार हो जायेंगे
52. अल हक्क़ु (Al-Haqqu)
( बर हक़ व बरक़रार रहने वाला )
जो शख्स मुश्किलों से परेशान हो वो सौ बार रोज़ाना ला इलाहा इल्ला हुवल हक्कुल मुबीन पढ़े इंशाअल्लाह उसकी मुश्किलें आसान हो जाएँगी और ग़रीबी व फ़क्र से नजात मिल जाएगी
53. अल वकीलु (Al-Wakeelu)
( बड़ा कारसाज़ )
अगर कोई बुरे कामों से न बच पा रहा हो तो दस बार ये नाम पढ़ कर अपने ऊपर दम कर लिया करे और अल्लाह के इस नाम को कागज़ पर लिख कर उसे पानी में दाल कर उसका पानी पिए इंशाअल्लाह बुराइयों से हिफ़ाज़त रहेगी
54. अल क़विय्यु (Al-Qawiyyu)
( बड़ी ताक़त और क़ुव्वत वाला )
अगर कोई रोज़ी और रिज्क में तंगी से बहत परेशान हो तो उसे चाहिए अल्लाह का ये नाम एक हज़ार बार पढ़े और उसके साथ ही क़ुर आन की ये आयत भी पढ़े अल्लाहु लातीफुम बि इबादिही यारज़ुकु मै यशाउ बिगैरी हिसाब तो इंशाअल्लाह रोज़ी और रिज्क के दरवाज़े उस पर खुल जायेंगे
अगर अल्लाह के इस नाम को कोई कम हिम्मत पढ़ेगा तो वो बा हिम्मत हो जायेगा और अगर कोई कमज़ोर पढ़ेगा तो वो ताक़तवर हो जायेगा
55. अल मतीनु (Al-Mateenu)
( बड़े इक़तिदार व क़ुव्वत वाला )
अगर कोई बुरी आदत वाला लड़का या लड़की अपनी आदतों में सुधार लाना चाहता हो तो उसे चाहिए कि दस बार अल क़विय्युल मतीन पढ़ा करे इंशाअल्लाह बहुत जल्द सुधार आ जायेगा
56. अल वलिय्यु (Al-Waliyyu)
( मदद और हिमायत करने वाला )
अगर कोई शख्स अपनी बीवी की आदतों से खुश न हो उसे चाहिए कि जब भी वो उसके सामने जाये तो अल्लाह के इस नाम को पढ़ लिया करे इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह आदत में बदलाव आ जायेगा
57. अल हमीदु (Al-Hameedu)
तारीफ़ के लाएक़
अगर कोई फ़ज्र की नमाज़ के बाद अल्लाह के इस नाम को पढ़ कर हाथ पर दम करके चेहरे पर फेर लिया करे तो यक़ीनन अल्लाह तआला उसे इज्ज़त और चेहरे का नूर अता फ़रमाएंगे
अगर कोई बेहूदा और गन्दी बातों का आदी हो और चाह कर भी न इस से न बच पता हो तो उसे चाहिए कि एक प्याले पर अल्लाह के इस नाम को लिखे और इस नाम को 90 बार पढ़ कर उस पर दम भी करे और हमेशा इसी प्याले से पानी पिए तो इंशाअल्लाह इस बेहूदगी से हिफ़ाज़त हो जाएगी
58. अल मुह्सी (Al-Muhsi)
अपने इल्म और शुमार में रखने वाला
अगर कोई शख्स दस बार अल्लाह के इस नाम को रोज़ाना पढ़ लिया करे तो इंशाअल्लाह वो अल्लाह की हिफ़ाज़त में आ जायेगा
59. अल मुब्दिउ (Al-Mubdee)
पहली बार पैदा करने वाला
अगर कोई अल्लाह के इस नाम को पढने का रूटीन बना ले तो इंशाअल्लाह उसकी ज़ुबान से सही और दुरुस्त बात ही निकलेगी
किसी का अगर कोई माल चोरी हो गया हो तो वो इस नाम को पढ़ा करे इंशाअल्लाह उस माल का जल्द ही पता चल जायेगा
60. अल मुईदु (Al-Muidu)
दोबारा पैदा करने वाला
कोई बात भूल गयी और याद न आ रही हो तो या मुब्दिउ या मुईदु पढ़े तो इंशाअल्लाह वो बात याद आ जाएगी
अगर घर का कोई शख्स खो गया हो तो उसको वापस लाने के लिए अमल करें कि जब सब लोग सो जाएँ तो उस वक़्त घर के चारों कोनों में “या मुईदु” 70, 70 बार पढ़े तो इंशाअल्लाह खोया हुआ इन्सान वापस आ जायेगा या उसका पता मिल जायेगा
62. अल मुह्यी (Al-Muhyi)
( ज़िन्दा करने वाला )
अगर कोई शख्स बीमार हो और वो अल्लाह के इस नाम को खूब पढ़े या किसी दुसरे बीमार पर पढ़ कर दम कर दे तो इंशाअल्लाह बहुत जल्द तंदुरुस्त हो जायेगा
62. अल मुमीतु (Al-Mumeetu)
( मौत देने वाला )
जिसको फ़िजूल खर्ची की आदत हो या इबादत करने का दिल बिलकुल न चाहता हो तो वो अल्लाह के इस नाम को पढ़ा करे – और पढने का तरीक़ा ये है रात को जब सोने लगे तो इस नाम पढ़ें और पढ़ते पढ़ते सो जाएँ
63. अल हय्यु (Al-Hayyu)
( हमेशा ज़िन्दा रहने वाला )
अल्लाह त आला के इस नाम को चीनी के बर्तन मुश्क और गुलाब से लिखे फिर उसे मीठे पानी से धोये और उस धुले हुए पानी को किसी बीमार को पिला दे तो इंशाअल्लाह कामिल शिफ़ा नसीब होगी
64. अल क़य्यूमु (Al-Qayyoomu)
( सब को सँभालने और क़ायम रखने वाला )
अगर कोई फ़ज्र की नमाज़ से लेकर सूरज निकलने तक “या हय्यु या क़य्यूमु” पढ़े तो इंशाअल्लाह उसकी काहिली सुस्ती दूर हो जाएगी
अगर कोई शख्स रोज़ाना अल्लाह के इस नाम को 17 बार पढ़ेगा इंशाअल्लाह उसका हाफिज़ा ( memory) मज़बूत हो जायेगा
अगर किसी को बहुत ज़्यादा सोने की आदत हो तो उसके सर पर ये आयत पढ़ कर दम करे “अल्लाहु ला इलाहा इल्लाहुवल हय्युल क़य्यूम” इंशाअल्लाह नीं द में कमी आ जाएगी
65. अल वाजिदु (Al-Waajidu)
( जो किसी का मोहताज न हो हर चीज़ उसके पास हो )
अगर कोई शख्स खाना खाते खाते “या वाजिदु” का भी विर्द रखे इंशाअल्लाह वो खाना उसके दिल में नूर और ताक़त पैदा करेगा
66. अल माजिदु (Al-Majidu)
( बड़ाई और बुज़ुर्गी वाला )
अगर कोई शख्स अल्लाह के इस नाम को दस बार पढ़ कर शरबत पर दम कर के पीता रहे तो इंशाअल्लाह वो बीमार नहीं होगा
67. अल वाहिदु (Al-Wahidu)
( एक और अकेला )
अगर किसी के यहाँ औलाद न होती हो तो उसे चाहिए कि अल वाहिदुल अहद लिख कर अपने पास रखे इंशाअल्लाह नेक औलाद की नेअमत नसीब होगी
अगर कोई एक हज़ार बार अल वाहिदुल अहद को पढ़ लिया करे तो दुनिया की मुहब्बत और उसका खौफ़ उसके दिल से जाता रहेगा
68. अल अहद (Al-Ahad)
( अपनी ज़ात व सिफ़ात में यक्ता )
अगर किसी को सांप ने काट लिया हो तो उस पर एक सौ एक बार अल वाहिदुल अहद पढ़ कर दम करे इंशाअल्लाह मरीज़ सेहत्याब होगा
69. अस समद (As-Samad)
( बेनियाज़, जो किसी का मोहताज न हो )
अगर कोई शख्स इस नाम को एक सौ चौतीस बार (134) पढ़े तो इंशाअल्लाह वो भूका नहीं रहेगा
70. अल क़ादिरू (Al-Qadiru)
( क़ुदरत वाला )
अगर किसी शख्स को किसी काम में मुश्किल पेश आ रही हो तो उसे चाहिए कि “या क़ादिरू” को 41 बार पढ़े इंशाअल्लाह वो मुश्किल दूर हो जाएगी







Nice
very beautiful name . Allah aapko salamat rakhe
MashaAllah SubhanAllah Allamdulillah Allahuakbar
Beautiful name mashallah
Masha allah
Allha aap ko hamesha hasta hua rakhe
ameen summa ameen
अल्ल्हाहू
“Ya rabbana”
Kya Allah k 99 naam se hi ek hai?
Pls batae!!
nahi bhai
ya rabbana ka matlab hota hai aye mere rab aur ye 99 namon men se nahi hai
Masha Allah bhai Bahut jayada mahnat karke aapne ye post kiya hai Allah aapko jazayekhair de
but Kaam or bhi karna hai Abhi deene Islam ke liye Youtube par Hamari generation apna time barbaad kar rhi hai or hum log islamic content ya islamic history kuch bhi provide nahi kar rhe hain
mujhe aapka support chahiye bhai jisse hum log mil kar kaam kre Only For Allah not for fame
whatsapp me 8009651253
aapki hausla afzai ka bahut bahut shukriya
aap kahan se belong karte hain
Assalamu alaikum hajrat bahut hi umda jankari aapne Share kiya Allah Pak Aapko Aur bhi kamyabi de
Allah hu akbar
Ya Hannanu
Ya Mannan
Ya Hayyu
Ya Kayyumu
बहुत ही सुन्दर लगा पढ़ कर।
shukriya
Masha Allah, Bahot Khoob.