2 Miracles Of Paigambar Muhammad
2 चमत्कार गुफ़ा सौर में हुए
ग़ारे सौर ( गुफा सौर ) मक्का के आख़िरी में एक पहाड़ में है, जिसे जबल सौर के नाम से भी जाना जाता है, क्यूंकि हज़रत मुहम्मद सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम जब मक्का छोड़ कर मदीना हिजरत कर रहे थे तब रास्ते में इसी गुफ़ा में ठहरे थे, और इसी दौरान एक के बाद एक अजूबे ज़ाहिर हुए जिसकी वजह से ये गुफ़ा बहुत मशहूर है |
इस से पहले हम ने ग़ारे हिरा के बारे में बताया था जिस में हमारे नबी इबादत किया करते थे लेकिन आज हम ग़ारे सौर के बारे में बात करेंगे इसकी कहानी कुछ इस तरह है कि जब…
मक्का में जब हज़रत मुहम्मद (सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम) ने इस्लाम की तरफ लोगों को बुलाना शुरू किया तो कुछ लोगों ने इस्लाम कुबूल कर लिया लेकिन कुछ लोग न सिर्फ इनकार कर थे बल्कि इस्लाम और मुसलमानों के सख्त दुश्मन बन गए और उन्हें तकलीफ पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ते थे
जब इनकी तरफ से दी गयी तकलीफ़ें हद से आगे बढ़ गयीं तो अल्लाह के हुक्म से नबी स.अ. ने लोगों में ये ऐलान कर दिया कि “मदीना की तरफ हिजरत करो”, तो धीरे धीरे मुसलमान मदीना शिफ्ट होने लगे सब से आखिर में हमारे प्यारे नबी स.अ. ने हज़रत अबू बक्र र.अ. के साथ हिजरत का इरादा किया
लेकिन इस्लाम के दुश्मन नहीं चाहते थे कि मुस्लमान हम से बच के चले जाएँ क्यूंकि वो इस्लाम का खात्मा चाहते थे, इसीलिए उन्होंने ने हज़रत मुहम्मद स.अ. को पकड़ने के लिए उनका पीछा किया और पकड़ने वाले पर इनआम रखा
जब हज़रत मुहम्मद स.अ. गुफ़ा में मौजूद थे तब वो पीछा करते करते ग़ारे सौर ( गुफा सौर ) के पास पहुँच गए और करीब था कि वो पकड़ लेते, लेकिन कुछ मुअजज़े ( अजूबे, चमत्कार ) अल्लाह की तरफ से ज़ाहिर हुए जिससे मक्का वालों को वापस जाना पड़ा और वो हज़रत मुहम्मद स.अ. को देख तक नहीं पाए |
ये दो चमत्कार (मुअजज़े ) थे जो गुफ़ा सौर में हुए थे
1. हज़रत मुहम्मद स.अ. का गुफा में एक सांप का सामना
हज़रत अबू बकर र.अ. ने हज़रत मुहम्मद स.अ. के दाखिल होने से पहले गुफा को साफ किया। बहुत सारे सांप के गड्ढे थे जिन्हें हज़रत अबू बकर र.अ. ने कपड़ों के टुकड़े से बंद कर दिया था । केवल एक साँप का गड्ढा गलती से खुला रह गया था । अन्दर जाने के बाद हज़रत मुहम्मद स.अ. इतने थके हुए थे कि उन्होंने हज़रत अबू बकर र.अ. की गोद में सर रख कर आराम करने लगे । साँप के उस बचे हुए गड्ढे पर हज़रत अबू बकर र.अ. ने अपना पैर रख दिया ताकि उस में कोई चीज़ न निकले ।

इतने में एक सांप ने उस गड्ढे में से हज़रत अबू बकर र.अ. को डस लिया । लेकिन उन्होंने अपना पैर उस गड्ढे से नहीं हटाया क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि हज़रत मुहम्मद स.अ. के आराम में कोई खलल हो, लेकिन साँप के काटने से होने वाला दर्द इतना तेज़ था कि उनकी आँखों से आँसू निकलने लगे और एक आंसू जब मुहम्मद स.अ. के गाल पर गिरा तो उनकी आँख खुल गयी ।
पता चला सांप ने काटा है तो, हज़रत मुहम्मद (स.अ.) ने अपनी लार ( मुंह का लुआब, पानी ) को उस जगह पर लगा दिया, जहां सांप ने अबू बक्र (र.अ.) को काटा था, तो अबू बक्र (र.अ.) को आराम महसूस होने लगा और दर्द दूर हो गया! दोनों हज़रात गुफा में 3 दिन और 3 रात रहे।
2. मकड़ियों और कबूतरों ने मुहम्मद (PBUH) की मदद की
कुरैश के लोग गुफ़ा के करीब पहुँच कर उस में घुसने ही वाले थे, लेकिन एक चमत्कार हुआ, मकड़ी ने गुफ़ा के अन्दर जाने की जगह पर जाला लगा दिया और कबूतरों ने अंडे दिए इस तरह उस जगह को ऐसा बना दिया मानो सालों से यहाँ किसी ने झाँका ही न हो !

वो लोग ऐसे आदमीं को लेकर आये थे जो पैरों के निशान देखकर बता सकता था कि यहाँ से कोई गया है या नहीं इसलिए वो आदमी कहता रहा कि अन्दर कोई गया है लेकिन उन काफिरों ने नहीं माना और कहा कि गुफ़ा की हालत देखकर ऐसा लगता है कि यहाँ सालों से कोई नहीं आया और तुम कहते हो कि कोई अन्दर मौजूद है, कैसी बहकी बहकी बातें करता है, आख़िरकार वो नाकामयाब हो कर वापस हो गए |
इस तरह अल्लाह तआला ने अपने नबी की मदद की और वो वहां से निकल कर मदीने की तरफ रवाना हो गए, सुब्हानल लाह ! इन सभी चमत्कारों के बारे में पढ़ने के बाद आपको कैसा महसूस हुआ।







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