Zere Naaf Baal Kab Katne Chahiye? |
ज़ेरे-नाफ बाल कब काटने चाहिए?
Zere Naaf Baal Kab Katne Chahiye?: हम रोज़ाना अपने कपड़ों, बालों, हाथ-पैर और घर की सफाई का तो ख़ूब खयाल रखते हैं। लेकिन हमारे जिस्म के कुछ ऐसे हिस्से भी हैं जिनकी सफाई के बारे में लोग अक्सर झिझक की वजह से खुलकर बात नहीं कर पाते। खास तौर पर ज़ेरे-नाफ यानी प्राइवेट पार्ट्स के आसपास के बाल (शर्मगाह के बाल ) और ज़ेरे-बगल यानी बगल के बालों की सफाई से जुड़े मसले।
कई लोग सही जानकारी न होने की वजह से इनकी सफाई में लापरवाही करते हैं, जबकि इस्लाम ने तहारत और जिस्मानी सफाई को बहुत अहमियत दी है। चाहे मर्द हों या औरतें, हर मुसलमान के लिए यह जानना ज़रूरी है कि बाहरी सफाई के अलावा इन बालों की सफाई के बारे में शरीअत ने क्या रहनुमाई की है, कब तक इन्हें छोड़ा जा सकता है और सफाई किस तरह की जा सकती है।
अगर आप इसके बारे में जानते हैं तो बहुत अच्छी बात है अगर नहीं जानते, तो आइए इस पूरे मसले को आसान भाषा में समझते हैं।
ज़ेरे-नाफ का मतलब क्या होता है? Zere Naaf Baal Meaning In Hindi
ज़ेर का मतलब: नीचे
नाफ़ का मतलब : नाभि (Navel)
तो इस तरह ज़ेरे-नाफ का मतलब हुआ नाभि के नीचे के बाल यानि प्राइवेट पार्ट्स के बाल
ज़ेरे-नाफ और ज़ेरे-बगल के बालों की सफाई क्यों ज़रूरी है?
इस्लाम में सिर्फ़ नमाज़, रोज़ा और दूसरी इबादतों की तालीम ही नहीं है। बल्कि इसमें इंसान की पूरी ज़िंदगी की रहनुमाई है इसीलिए इसमें तहारत, पाकीज़गी और सफाई का भी खास खयाल रखा गया है। अब चूंकि इंसान का जिस्म अल्लाह की नेमत है तो उसकी सफाई का खयाल रखना भी ज़रूरी है और शरीअत की पसंदीदा बातों में से है।
ज़ेरे-नाफ और बगल के बालों की सफाई का एक मकसद ये भी है कि जिस्म के उन हिस्सों में गंदगी जमा न हो और इंसान अपनी सफाई बनाए रखे। यही वजह है कि इन बालों की सफाई को तहारत के मसाइल में शामिल किया गया है।

कब तक छोड़ा जा सकता है कितने दिनों पर सफाई ज़रूरी है?
उलमा ने लिखा है कि कम से कम हर हफ्ते इसको साफ़ कर लें और ये मुस्तहब है, लेकिन 40 दिन से ज़्यादा नहीं होना चाहिए अगर 40 दिन गुज़र गए और आपने सफाई नहीं कि तो ये अमल मकरूहे तहरीमी होगा और इस्लाम इसको पसन्द नहीं करता है इसलिए इन बालों को छोड़े रखने की लिमिट ज़्यादा से ज़्यादा 40 दिन है
इसका मतलब यह नहीं कि हर मुसलमान को 40वें दिन का इंतज़ार करना चाहिए बल्कि बेहतर यह है कि बाल जब ज़रूरत के मुताबिक बढ़ जाएँ तो उससे पहले ही उनकी सफाई कर ली जाए।
ज़ेरे-नाफ बाल साफ करने का सही तरीका क्या है?
शरीअत ने बाल साफ करने का कोई एक ही तरीका लाज़िम नहीं किया है आप जो तरीका आसान समझें उसको इस्तेमाल कर सकते हैं जो भी तरीका skin के लिए safe और easy हो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है |
जैसे:
• उस्तरा या ब्लेड
• हेयर रिमूवल क्रीम
• ट्रिमर
• वैक्स या दूसरे उपलब्ध तरीके
इनमें से किसी तरीके का इस्तेमाल किया जा सकता है ।
मर्दों के लिए
मर्दों के लिए ब्लेड या उस्तरे से सफाई करना एक जाना-पहचाना तरीका है लेकिन अगर कोई शख्स ट्रिमर या किसी दूसरे सुरक्षित तरीके से बाल साफ करता है, तो सिर्फ़ तरीका अलग होने की वजह से सफाई का मकसद खत्म नहीं हो जाता। सफाई हो गयी बस यही काफी है क्यूंकि असल बात सफाई है।
औरतों के लिए
औरतें भी कोई तरीका अपना सकती हैं, क्रीम से आसानी होती हो तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर क्रीम से एलर्जी या जलन होती हो तो ब्लेड या कोई दूसरा safe तरीका इस्तेमाल किया जा सकता है। औरत के लिए बेहतर है क्रीम का यूज़ करे |
क्या औरतों के लिए ब्लेड इस्तेमाल करना गलत है?
इस बारे में कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। जैसे कि औरत को ब्लेड इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, कभी यह कहा जाता है कि इससे जनाज़ा भारी हो जाता है या कोई और नुकसान होता है। ऐसा कुछ नहीं है ये ग़लत और बेबुनियाद बातें आम हो गयी हैं|
सफाई की हद कहाँ से कहाँ तक है?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होता है कि ज़ेरे-नाफ यानी नाफ ((Navel) के नीचे के बालों की सफाई आखिर कहाँ से कहाँ तक करनी चाहिए?
तो ये बात समझ लीजिये कि सिर्फ़ सामने दिखाई देने वाले हिस्से की सफाई काफी नहीं है। नाफ के नीचे जहाँ-जहाँ बाल हों और उनकी वजह से पसीना, गंदगी या नजासत जमा होने का खतरा हो, उन हिस्सों की भी सफाई करनी चाहिए।
जैसे:
• प्राइवेट पार्ट्स के आसपास के बाल
• अंडकोष के आसपास के बाल
• पाखाने की जगह के आसपास के बाल
इन सभी हिस्सों की सफाई का ध्यान रखना चाहिए। यानी मकसद यह है कि नाफ के नीचे का पूरा वह हिस्सा साफ-सुथरा रहे जहाँ बालों की वजह से गंदगी या नजासत जमा हो सकती है।
बगल के बालों की सफाई
बगल ऐसी जगह है जहाँ पसीना और गंदगी जमा होती है। इसलिए वहाँ के बालों की सफाई और जिस्म की सफाई का खयाल रखना जरूरी है।
सफाई के लिए कौन-सा तरीका बेहतर है?
यहाँ एक आसान उसूल याद रखें: जो तरीका महफूज़ है safe हो, आसानी से किया जा सके और जिससे अच्छी तरह सफाई हो जाए, उसे अपनाया जा सकता है। आप ब्लेड या ट्रिमर कुछ भी इस्तेमाल कर सकते हैं ।
आखिर में…
तहारत सिर्फ़ यह नहीं कि हम नमाज़ से पहले वुज़ू कर लें। बल्कि तहारत एक ऐसा lifestyle है जिसमें इंसान अपने बदन, कपड़ों, रहने की जगह और अपनी पूरी ज़िंदगी में पाकीज़गी का खयाल रखता है। और ज़ेरे-नाफ और ज़ेरे-बगल के बालों की सफाई भी इसी तहारत का हिस्सा है।
तो अगर हम इन छोटे-छोटे मसाइल को सही तरीके से समझकर अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बना लें तो हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी भी सुन्नत और पाकीज़गी के करीब हो सकती है।
अल्लाह तआला हमें दीन की सही समझ अता फ़रमाए, तहारत और पाकीज़गी का एहतमाम करने की तौफ़ीक़ दे और जो कुछ हम सीखें उस पर अमल करने वाला बनाए।
आमीन या रब्बल आलमीन।






