Surah Burooj Translation In Hindi |

सूरह बुरूज तर्जुमे के साथ हिन्दी में

अ ऊजु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम

बिस्मिल्ला हिर रहमानिर रहीम

वस समाइ ज़ातिल बुरूज

क़सम है बुर्जों वाले आसमान की

वल यौमिल मौऊद

और उस दिन की, जिस दिन का वादा किया गया है

वशा हिदिव व मशहूद

और मुशाहदा करने वाले की, और उसकी जिसका मुशाहदा किया जायेगा

क़ुतिला अस हाबुल उख्दूद

कि ख़ुदा की मार हो उन खंदक खोदने वालों पर

अन्नारि ज़ातिल वक़ूद

उस आग वालों पर जो ईंधन से भरी हुई थी

इज़ हुम अलैहा क़ुऊद

जब वो उस के पास बैठे हुए थे

वहुम अला मा यफ़ अलूना बिल मुअ’मिनीना शुहूद

और जो कुछ वो मुसलमानों के साथ कर रहे थे, वो उस को देख भी रहे थे

वमा नक़मू मिन्हुम इल्ला अय युअ’मिनू बिल लाहिल अज़ीज़िल हमीद

वो मुसलमानों को किसी और बात की नहीं, सिर्फ़ इस बात की सज़ा दे रहे थे कि वो उस अल्लाह पर ईमान रखते थे जो ग़ालिब और बड़ी ख़ूबियों वाले हैं

अल्लज़ी लहू मुल्कुस सामावति वल अर्द, वल लाहु अला कुल्लि शैइन शहीद

जिस के क़ब्ज़े में सारे आसमान और ज़मीन की सल्तनत है और अल्लाह हर चीज़ को देख रहा है

इन्नल लज़ीना फ़-तनुल मुअ’मिनीन वल मुअ’मिनाति सुम्म लम यतूबू फ़ लहुम अज़ाबू जहान्नमा व लहुम अजाबुल हरीक़

इस में कोई शक नहीं कि जिन लोगों ने मुसलमान मर्दों और औरतों को तकलीफ़ें दीं फिर तौबा नहीं की, तो उन लोगों के लिए जहन्नम का अज़ाब और जलने की सज़ा है

इन्नल लज़ीना आमनू व अमिलुस सलिहाति लहुम जन्नातुन तजरी मिन तहतिहल अन्हार, ज़ालिकल फौज़ुल कबीर

यक़ीनन जो लोग ईमान लाये और उन्होंने नेक अमल किये, उन के लिए (जन्नत में ) ऐसे बाग़ात हैं जिन के नीचे नहरें जारी होंगी, यही है बड़ी कामयाबी

इन्ना बत्शा रब्बिका ल-शदीद

हक़ीक़त ये है कि तुम्हारे परवरदिगार की पकड़ बहुत सख्त है

इन्नहू हुवा युब्दिउ व युईद

वही पहली मर्तबा पैदा करता है और वही दोबारा पैदा करेगा

व हुवल ग़फूरुल वदूद

और वो बहुत बख्शने वाला बहुत मुहब्बत करने वाला है

जुल अरशिल मजीद

अर्श का मालिक है बुज़ुर्गी वाला है

फ़अ आलुल लिमा युरीद

जो कुछ इरादा करता है कर गुज़रता है

हल अताका हदीसुल जुनूद

क्या तुम्हारे पास उन लश्करों की ख़बर पहुंची है

फ़िरऔना व समूद

फ़िर औन और समूद के ( लश्करों ) की ?

बलिल लज़ीना कफ़रू फ़ी तकज़ीब

इसके बावुजूद काफ़िर लोग हक़ को झुटलाने में लगे हुए हैं

वल लाहु मिव वराइहिम मुहीत

जबकि अल्लाह ने उनको घेरे में लिया हुआ है

बल हुवा क़ुरआनुम मजीद

(उनके झुटलाने से क़ुरान पर कोई असर नहीं पड़ता) बल्कि ये बड़ी अज़मत वाला क़ुरान है

फ़ी लौहिम महफूज़

जो लौहे महफूज़ में दर्ज है

Surah Burooj Tafseer ( Transliteration ) in Hindi

आयत न. 2 : यानि क़यामत का दिन

आयत न. 4 से 18 : यहाँ मुसलमानों को सज़ा देने के लिए खंदक खोदने वालों पर लानत की गयी है और एक वाक़िये की तरफ़ इशारा किया गया है जो हदीस की किताब “मुस्लिम शरीफ़” में मौजूद है वो वाकिया ये है

एक नेक अल्लाह के बन्दे का हैरतअंगेज वाकिया

एक बादशाह किसी जादूगर से काम लिया करता था, जब वो जादूगर बूढा हो गया तो उसने बादशाह से कहा : किसी नौजवान को मेरे पास भेज दिया कीजिये ताकि मैं उसको तैयार कर दूं, इस पर बादशाह ने एक लड़के को भेजना शुरू किया रास्ते में एक खुदा परस्त ईमान वाले इन्सान का घर पड़ता था, वो लड़का उस के पास भी बैठने लगा धीरे धीरे आखिर वो लड़का भी ईमान ले आया

वो लड़का कहीं जा रहा था तो रास्ते में उसने किसी जानवर को देखा कि वो रास्ता रोके हुए है लोग उस से परेशान हैं उस ने एक पत्थर उठाया और ये कहते हुए उस जानवर को मारा “अगर वो ख़ुदा का बंदा ( जिस के पास वो बैठा करता था ) हक़ पर है और सच्चा है तो रास्ता साफ़ हो जाये” वो पत्थर उस जानवर के लगा और उस का काम तमाम हो गया

इस करामत का लोगों में खूब चर्चा हुआ तो एक अंधे ने आकर उस से कहा : “मुझे ठीक कर दो” तो लड़के ने कहा “मैं ठीक करने वाला नहीं हूँ ये काम अल्लाह का है, अगर तुम ईमान ले आओ तो मैं दुआ कर दूं” उस ने शर्त मान ली तो लड़के ने दुआ की और वो ठीक हो गया

ये सारी ख़बरें जब बादशाह के पास पहुंची तो उसने तीनों (लड़का, खुदा परस्त इन्सान, नाबीना) को बुलवा भेजा और उन से कहा “तुम अपने ईमान से फिर जाओ” वो लोग नहीं माने तो उस लड़के के सामने ही खुदा परस्त इन्सान और नाबीना को आरे से चिरवा दिया और लड़के के बारे में हुक्म दिया कि “इसको पहाड़ पर लेजा कर नीचे फेंक दिया जाये“, जब लोग उसको लेकर गए तो लड़के ने दुआ की, एक ज़लज़ला आया और वो लोग खुद नीचे गिर गए और लड़का सही सालिम वापस आ गया

फिर बादशाह ने हुक्म दिया कि “इसको दरिया में डुबो दिया जाये“, वहां भी पहले ही जैसा हाल हुआ जाने वालेडूब गए और लड़का ठीक ठाक वापस आ गया, आखिर लड़के ने बादशाह से कहा ” तुम अगर मुझे मारना ही चाहते हो तो उसका एक ही तरीक़ा है, वो ये है कि तुम सबको मैदान में एक जगह इकठ्ठा करो, और सब के सामने मुझे सूली पर लटकाओ और ये कहकर तीर मार दो “बिस्मि रब्बि हाज़ल ग़ुलाम” (इस लड़के के रब के नाम से) तो मैं मर जाऊँगा,

बादशाह ने यही किया और वो लड़का आख़िरकार शहीद हुआ, जब ये मन्ज़र एक बड़ी तादाद के सामने हुआ तो बहुत सारे लोग मुसलमान हो गए, बादशाह ने गुस्से में आकर बड़ी बड़ी ख़न्दकें खुद्वायीं और उन में आग भड़काई और कहा “जो इस्लाम नहीं छोड़ेगा वो इस आग में डाल दिया जायेगा” लोग उस आग में डाले जाने लगे लेकिन इस्लाम से नहीं फिरते थे

एक मुसलमान औरत लायी गयी उसकी गोद में बच्चा था, औरत कूदने में थोड़ा सा हिचकिचाई तो बच्चा बोला “माँ, आग में कूद जा और सब्र कर, तू हक़ पर है” ये सब हो रहा था और बादशाह और उसके दरबारी सब बैठे देख रहे थे और उनको ज़रा भी रहम न आ रहा था और उन मुसलमानों का कुसूर सिर्फ़ इतना था कि वो अल्लाह पर ईमान ले आए थे

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