Kisi Bhi Tarah Ke Dard Ke Liye Dua
किसी भी दर्द से निजात पाने के लिए
हाल ही में मेरे एक पड़ोसी जो कि हाफ़िज़े क़ुरान हैं मेरे पास एक किताब लेकर आये और कहने लगे कि “इस दुआ को एक अलग जगह पर लिख दो मुझे किसी को देना है
” तो जब मैंने पुछा तो वो इस दुआ को लेकर अपना तजरिबा बताने लगे कि “ मेरे कन्धों में बहुत दर्द रहता था किसी ने कहा ये वर्जिश करो किसी ने कहा फलाँ इलाज करो, लेकिन मेरा हाथ नीचे से उठ कर ऊपर की तरफ जा ही नहीं पाता था आख़िरकार मुझे ये दुआ इस किताब में मिली तो मैंने इसको पढ़ना शुरू किया और इलाज भी चलता रहा बहुत ज़्यादा दिन नहीं लगे कि मेरे हाथ में अब किसी तरह का दर्द भी नहीं है और ये पूरी तरह ठीक है मैं इस को ऊपर नीचे हर तरफ घुमा सकता हूँ”
और ये भी कहा “मुझे अल्लाह के रसूल की हदीस पर यक़ीन था कि अगर मैं अगर पढूंगा तो मुझे फ़ायदा होगा और जो यक़ीन रख कर पढ़ता रहता है और इलाज करता रहता है तो न ठीक होने वाला मर्ज़ भी ठीक हो जाता है” तो जब मैं ने ये उन की आपबीती सुनी और देखा वाक़ई ये दुआ हदीस में मौजूद है तो मैंने सोचा क्यूँ न आप सब लोगों से भी ये दुआ शेयर कीजाए इसीलिए मैं आप के लिए ये पोस्ट लेकर आया हूँ
अगर आप के जिस्म में कहीं दर्द है और उस दर्द को लेकर आप बहुत परेशान हैं डाक्टर और हकीमों के पास पास भी गए हैं लेकिन ये दर्द है कि जाता ही नहीं है या जिस्म के किसी भी हिस्से में कोई तकलीफ़ है तो
दर्द की जगह पर हाथ रख कर पढ़ें
अरबिक में

हिन्दी में
3 बार पढ़ेंगे “बिस्मिल्लाह”
7 बार पढ़ेगे “अऊ ज़ुबिल्लाहि व क़ुद रतिही मिन शररि मा अजिदु व उहाज़िरु”
और इस को हर नमाज़ के बाद करते रहें इंशाअल्लाह पुराना से पुराना दर्द खत्म हो जायेगा और बहुत जल्द शिफ़ा मिलेगी






