Surah Mulk Ke Benefits

सूरह मुल्क के 3 रोहानी व जिस्मानी फ़ायदे

सूरह मुल्क कुरान के 29 वें पारे में है और 67 वीं सूरह है जो मक्की है और इसमें 30 आयतें हैं। यह मक्का में इस्लाम के शुरुआती दिनों में नाज़िल हुई थी । इसका नाम अल मुल्क सूरह की पहली आयत से लिया गया है,

تَبٰرَكَ الَّذِیْ بِیَدِهِ الْمُلْكُ٘- وَ هُوَ عَلٰى كُلِّ شَیْءٍ قَدِیْرُۙ

जिस तरह क़ुरान की हर सूरह के अलग अलग फ़ायदे बताये जाते हैं उसी तरह सूरह मुल्क के भी कुछ ऐसे फ़ायदे हैं जो पढ़ने वाले को दुनिया में भी और इस दुनिया से जाने के बाद क़ब्र में फ़ायदा देगी, तो इस लिहाज़ से ये सूरह हर किसी के लिए बहुत अहम् है |

Surah mulk ke benefits

1. सूरह मुल्क कब्र में आपके साथ होगी

जब आप के रिश्तेदार माँ बाप भाई सब आप को छोड़ कर चले जायेंगे, उस वक़्त क़ब्र की अँधेरी रात में आपका कोई गमख्वार न होगा ऐसे नाज़ुक हाल में इस सूरह की बरकत आपके साथ होगी |

2. सूरह मुल्क अल्लाह के अज़ाब से बचाती है

इस सूरह का रोज़ाना पढ़ना अल्लाह के गुस्से को ठंडा करेगा और अल्लाह अज़ाब से बन्दे को महफूज़ कर लेगा |

3. सूरह मुल्क आपकी माफी ( मगफिरत ) के लिए सिफ़ारिश करेगी

सूरह अल मुल्क आपके गुनाहों की माफ़ी के लिए अल्लाह से अपने पढने वालों की सिफ़ारिश करेगी कि ए अल्लाह ! इस को गुनाहों से महफूज़ फरमा |

इसको कब पढ़ें :

इस सूरह को सोने से पहले पढ़ें क्यूंकि सोने से पहले पढने पर इसकी फ़ज़ीलत हदीस में बयान की गयी है, जब आप सोने से पहले सूरह मुल्क पढ़ते हैं तो एक फ़रिश्ता आपकी हिफ़ाज़त के लिए आता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति सो रहा होता है, तो वह अपनी हिफाज़त नहीं कर पाता है।

 

अल्लाह हम तमाम मुसलमानों को इस सूरह के पढ़ने उसको समझने और उसमें बताई गयी बातों पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे