Soorah Falaq With Hindi Translation |

सूरह फ़लक़ हिंदी तर्जुमे के साथ

 बिस्मिल्लाह–हिर्रहमान–निर्रहीम

कुल अऊजु बिरब्बिल फलक

मिन शररि मा ख़लक़

वमिन शररि ग़ासिकिन इज़ा वकब

वमिन शररिन नफ़ फ़ासाति फ़िल उक़द

वमिन शररि हासिदिन इज़ा हसद

Bismilla  Hirrahma Nir Raheem

Qul Aoozu Birabbil Flaq

Min Sharri Ma Khalaq

Wamin Sharri Gasiqin Iza Waqab

Wamin Sharrin Naffasati Fil Uqad

Wamin Sharri Hasidin Iza Hasad

 

 शुरू अल्लाह के नाम से जो बहुत बड़ा मेहरबान व निहायत रहम वाला है।

कह दीजिये मैं सुबह के रब की पनाह मांगता हूँ

तमाम मख़लूक़ात के शर से

और अँधेरी रात के शर से जब कि उस की तारीकी फ़ैल जाये

और उन औरतों के शर से जो गिरहों में फूंक मारती है

और हसद करने वाले के शर से जब वो हसद करने लगे

तफ़्सीर व तशरीह 

इस सूरत में चार चीज़ो से अल्लाह की पनाह मांगी गयी है

1. तमाम मख़लूक़ात के शर से

तमाम मख़लूक़ात के शर से और मख़लूक़ात में इंसान,जिन्नात,नुकसान पहुंचने वाले जानवर,नुकसान पहुँचाने वाले पौदे,बीमारी पैदा करने वाली ग़िज़ाए सब शामिल हैं

2. अँधेरी रात के शर से

अँधेरी रात के शर से क्यूंकि दुनिया में शर और नुकसान की बहुत सी सूरतें रात की तारीकी में ही नुकसान पहुंचती हैं चोर उचक्के, डाके डालने वाले,क़ातिल,दरिन्दे, जानवर,सांप,बिच्छू,वग़ैरह आम तौर से रात में ज़्यादा एक्टिव रहते हैं और ज़्यादा तर रात के वक़्त शराब व शबाब की महफिले जमती हैं और पाकदामन औरतो की इज़्ज़त नीलाम होती है

3. जादूगरनियों के शर

गिरहो में फूंक मरने वालियों यानी जादूगरनियों के शर से चूंकि ज़्यादातर जादू का अमल औरतो की तरफ से होता है इसलिए खास तौर पर उनका ज़िक्र किया गया

4. हसद करने वालों के शर से

हसद का मतलब ये है की इंसान किसी की निअमत को देख कर जले और तमन्ना करे कि उसकी ये निअमत ख़त्म हो जाये सिर्फ इस तमन्ना से तो इंसान को नुकसान नहीं पहुँचता लेकिन कभी कभी ये हासिदाना जज़्बा इतना बढ़ जाता है कि हासिद अमली क़दम उठा लेता है इसलिए इससे पनाह मांगी गयी है |

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