5 Waqt Namaz Me Kitni Rakat Padhen
किस नमाज़ में कितनी रकातें हैं ?
हर नमाज़ में कुछ रकातें फ़र्ज़, सुन्नत, वाजिब, नफ्ल और कुछ मुअक्किदा व कुछ गैर मुअक्किदा होती हैं तो पहले हम इन का मतलब समझ लें फिर रकातों की तादाद बताएं |
फ़र्ज़ : ( Farz ) इस का पढ़ना ज़रूरी है और छोड़ना हराम है और इसके छोड़ने पर अज़ाब होगा | फ़र्ज़ नमाज़ें वो हैं जिन्हें हर हाल में अदा करना ज़रूरी है वो किसी भी वक़्त में माफ़ नहीं होतीं लेकिन अगर किसी शदीद मजबूरी में छूट जाये तो मजबूरी ख़त्म होने के फ़ौरन बाद पढ़ना ज़रूरी है |
ये फ़र्ज़ नमाज़ें मर्दों को मस्जिद में जाकर इमाम के पीछे जमात के साथ अदा करनी होती है लेकिन अगर किसी मजबूरी की वजह से जमात में शामिल न हो सके तो अकेले पढ़ सकता है |
वाजिब : ( Wajib ) जिसको जान बूझ कर अगर छोड़ा तो गुनाहगार होगा |
सुन्नते मुअक्किदा : ( Sunnate Muakkida ) जो फ़र्ज़ नमाज़ों की तरह ज़रूरी तो नहीं होती लेकिन बगैर किसी मजबूरी की वजह के सिर्फ़ सुस्ती की वजह से छोड़ना जाएज़ नहीं इसलिए इन्हें भी अदा करना ज़रूरी होता है लेकिन वक़्त निकल जाने के बाद इनकी क़ज़ा नहीं पढनी होती है |
सुन्नते गैर मुअक्किदा : ( Sunnate Ghair Muakkida ) जिसकी ज्यादा ताकीद न हो इसका हुक्म ये है कि करने वाला सवाब हासिल करेगा लेकिन न करने वाला गुनाहगार नहीं होगा |
नफ्ल : ( Nafl ) इसके पढने से सवाब होगा लेकिन न पढने से कुछ अज़ाब न होगा फिर भी जहाँ तक हो सके ज़रूर पढ़े |
नमाज़ में रकातों की तादाद
फज्र की नमाज़
फज्र में 4 रकातें हैं
दो सुन्नत
दो फ़र्ज़
ज़ुहर की नमाज़
ज़ुहर में 12 रकातें हैं
चार सुन्नत (मुअक्किदा )
चार फ़र्ज़
दो सुन्नत ( मुअक्किदा )
दो नफ्ल
अस्र की नमाज़
अस्र में आठ रकातें हैं
चार सुन्नत ( ग़ैर मुअक्किदा )
चार फ़र्ज़
मगरिब की नमाज़
मगरिब में सात रकातें हैं
तीन फ़र्ज़
दो सुन्नत ( मुअक्किदा )
दो नफ्ल
ईशा की नमाज़
ईशा में सत्तरह रकातें हैं
चार सुन्नत ( ग़ैर मुअक्किदा )
चार फ़र्ज़
दो सुन्नत ( मुअक्किदा )
दो नफ्ल
तीन वित्र ( वाजिब )
दो नफ्ल
जुमा की नमाज़
जुमा में 14 रकातें हैं
चार सुन्नत ( मुअक्किदा )
दो फ़र्ज़
चार सुन्नत ( मुअक्किदा )
दो सुन्नत ( ग़ैर मुअक्किदा )
दो नफ्ल
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मुझे उम्मिद है के आप सजदे साहू का भी मसाला तहरीर फरमाएंगे
ji maine is se pahle sajdae sahw ka masla baht tafseel se likha hai, aap is link par jakar padh sakte hai
https://www.deenibaatein.com/sajda-e-sahw-kya-hai-namaz-me-galati-par-kiya-jane-wala-sajda/