Miswak Ke Fayde Hindi
मिस्वाक के फ़ायदे क्या हैं ?
मिस्वाक की फ़ज़ीलत

इस हदीस का मफहूम ये है कि अगर मुझे इस बात का खौफ़ न होता कि मेरी उम्मत दुशवारी में पड़ जाएगी तो मैं हर नमाज़ के वक़्त मिस्वाक को ज़रूरी करार देता |
लेकिन चूंकि नबी स.अ. उम्मत के लिए रहमत बन कर आए इसलिए इसलिए नबी स.अ. ने मिस्वाक को फ़र्ज़ का दरजा नहीं दिया क्यूंकि अगर फ़र्ज़ होती तो मुसलमान तंगी और काहिली की वजह से मिस्वाक को वजह बना कर नमाज़ यानि फ़र्ज़ की पाबन्दी न कर पाते और गुनाहगार होते इसलिए इसको मुस्तहब ही रखा |
कि अगर कोई शख्स इस पर अमल न करे तो उस से पूछ नहीं होगी लेकिन अमल कर लेगा तो वो बहुत खुशकिस्मती की बात है वो नबी की सुन्नत पर अमल कर रहा है जो कि नबी से मुहब्बत की अलामत है |
मिस्वाक की फजीलत कई हदीसों में आई है और इसकी अहमियत का अंदाज़ा इस बात से किया जा सकता है कि ये नमाज़ का सवाब बढ़ा देती है एक रिवायत में है कि जो नमाज़ मिस्वाक करके पढ़ी जाये वो बगैर मिस्वाक के पढ़ी जाने वाली नमाज़ से सत्तर दरजे अफज़ल ( बेहतर ) है |
मिस्वाक के फ़ायदे
फिर न सिर्फ ये कि मिस्वाक करना सवाब है बल्कि इससे बहुत सारे जिस्मानी फायदे हासिल होते हैं | आप इंटरनेट पर मिस्वाक सर्च करके देखें बेशुमार मेडिकल और हेल्थ वेबसाइट्स पर इसके बेनेफिटस मिलेंगे
1. याददाश्त बढ़ाती है।
2. मुंह में खुशबू पैदा करती है।
3. मसूड़ों को मजबूत करती है।
4. दांतों की सड़न को रोकती है।
5. सिरदर्द के लिए बेहतरीन इलाज है।
6. दांत दर्द से राहत दिलाने में मदद गार है।
7. दांतों को चमकाती है।
8. दांतों का पीलापन दूर करती है।
9. नज़र ( Eye Sight ) को बेहतर करती है।
10.आपके पूरे जिस्म को स्वास्थ्य रखती है ।
11. हाजमा दुरुस्त करती है।
12. आवाज को साफ करती है।
13. भूख बढाती है।
14. इंटेलिजेंस में सुधार करती है ।
15 : यह हमारी मेमोरी पावर को बेहतर बनाती है।
16 : यह हमारे दिमाग़ और नसों को आराम देता है।
17 : इससे हमारी आँखों की रोशनी बढ़ती है।
18 : यह पेट के मरीजों के लिए बहुत मुआस्सिर है क्योंकि यह हमारे हाजमे के निज़ाम को स्वस्थ बनाती है।
19 : यह आपको जवान और Energetic रखती है।
20 : इसका इस्तेमाल दांतों के लिए एंटी बैक्टीरियल के रूप में किया जाता है।
21 : यह हमारे दांतों को कीटाणुओं से बचाती है।
इसलिए, अपने रोज़ाना के रूटीन में ख़ास तौर से पांच बार मिस्वाक करने की आदत डालें और दूसरों को भी यह सलाह दें।
मुसलमानों को इस सुन्नत को ज़रूर अपनाना चाहिए। हाल ही में मैंने न्यूज पेपर में देखा कि दिन में 2 बार ब्रश करने से आप हार्ट अटैक की संभावना से बच जाते हैं। चूंकि हम दिन में 5 बार नमाज़ पढ़ते हैं और 5 बार मिसवाक करने से हमें हार्ट अटैक के चांस से बचा जा सकता है |
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Muje or thalem hasel krni he to or buaye bheje
ji bilkul, ham bhejte rakhenge aap ilm hasil karte huye isko share bhi karte rahiye. shukriya