Fajr Namaz Ka Time, Tareeqa, Rakats | Hindi |

फज्र नमाज़ कैसे पढ़ें

 “या अल्लाह मेरी उम्मत के दिन के पहले हिस्से में बरकत दे”

ये वो बरकत की दुआ है जिसको अपनी उम्मत के लिए रसूल स.अ. ने उस रब से मांगी थी जो ज़मीन असमान का पैदा करने वाला और सूरज व चाँद को दौड़ाने वाला, और रात दिन का लाने वाला है |

 

दिन का पहला हिस्सा यानि सुबह फज्र का वक़्त

यही वो वक़्त है जब मुर्ग आसमान की तरफ देख कर बांग देता है और अल्लाह के रब होने का ऐलान करता है

यही वो वक़्त है जब जानवर जाग कर रब्बुल आलमीन की तस्बीह बयान करते हैं

नमाज़े फज्र की फ़ज़ीलत

हदीस और कुरान में इस नमाज़ की बड़ी फजीलत है जिसको इग्नोर किया जा रहा है जब जानवर भी उस वक़्त में अपने घरों से निकल पड़ते हैं तो हम इंसान जो अशरफुल मख्लूकात हैं वो कैसे पीछे रह सकते हैं |

अगर आप सुबह फज्र की नमाज़ पढ़ कर अपनी रोज़ी कमाने लिए निकलते हैं तो मुबारक हो आपके लिए दुनिया में भी खैर और आखिरत में भी खैर ही खैर |

यहाँ ( Namaze Fajr ) के लिए कुछ डिटेल्स दी जा रही हैं जैसे वक़्त, तरीका, रकात

 

फज्र नमाज़ का वक़्त ( Fajr Namaz )

फज्र नमाज़ का वक़्त सुबहे सादिक से शुरू होता है और जैसे ही सूरज की पहली किरण निकलती है वक़्त ख़त्म हो जाता है

इसके लिए आप कैलेंडर का इस्तेमाल कर सकते हैं क्यूंकि उस में वक़्त कब शुरू हो रहा है और कब ख़त्म हो रहा है ये मिल जायेगा और आप आसानी से समझ पाएंगे |

नमाज़े फज्र का तरीका और रकात

नमाज़े फज्र में चार रकात हैं

दो सुन्नत (2) और फिर दो फ़र्ज़

 

नमाज़े फज्र की नियत का तरीक़ा

नमाज़े फज्र में सुन्नत और फ़र्ज़ दोनों हैं इसलिए जब सुन्नत पढ़ रहे हों तो सुन्नत की नियत करें

और जब फ़र्ज़ पढ़ रहे हों तो फ़र्ज़ की नियत करें जैसे

“नियत करता हूँ मैं दो रकात नमाज़ सुन्नत फज्र, पीछे इस इमाम के रुख मेरा काबे शरीफ की तरफ”

इतना कह कर दोनों हाथ कानों तक उठायें और अल्लाहु अकबर कह हाथ बाँध लें

फज्र में कौन कौन सी सूरतें पढ़ें

और जब सुन्नत पढ़ रहे हों तो पहली रकात में कुल या अय्युहल काफ़िरून और दूसरी रकात में कुल हुवल लाहू अहद या कोई सूरतें जो आप को याद हो पढ़ सकते हैं |

अगर फ़र्ज़ पढ़ रहे हैं तो सूरह हुजरात ( 26 वें पारे में ) से लेकर सुरह बुरूज ( 30 वें पारे में ) तक में से कोई भी सूरत पढना सुन्नत है लेकिन अगर ये याद न हो तो कुरान का कोई भी हिस्सा पढ़ सकता है कोई हर्ज नहीं है |

फ़िर जब दूसरी रकात पर बैठें तो अत तहिय्यात, दुरूद शरीफ़, दुआए मसूरा पढ़ कर सलाम फेर दें, अब ये नमाज़ मुकम्मल हो गयी

छोटी सूरतें हिन्दी में पढने के लिए क्लिक करें : 15 Short Soorah In Hindi

अगर फज्र की नमाज़ छूट जाये तो क्या करें ?

जैसा कि आप को मालूम है कि जैसे ही सूरज की पहली किरण निकलती है फज्र का टाइम ख़त्म हो जाता है तो जब तक पूरी तरह सूरज निकल न आये कोई भी नमाज़ नहीं पढ़ सकते |

जैसे कि 6 : 00 बजे सूरज निकला और टाइम ख़त्म हुआ तो आप को कम से कम 20 मिनट रुकना पड़ेगा उसके बाद आप फज्र की क़ज़ा कर सकते हैं |

 

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