जन्नत को रुसवा किया 

 

सर्दियों की रात तीसरी बार माँ उठी और बेटे को साफ़ किया

और फिर प्यार किया और देर तक उसके चेहरे को देख कर मुस्कुराती रही

वक़्त जल्दी से गुज़रता गया और बेटा जवान हो गया और डाक्टर बन गया

आज माँ बीमार हुई तो बेटे ने माँ से कहा

अम्मी आज रात आपके खांसने की वजह से मै सारी रात आराम से सो नहीं सका

माँ जो कई रातें बेटे के लिए जागी थी

आज बेटा सिर्फ एक रात माँ के खांसने की आवाज़ बर्दाश्त नहीं कर सका

वो माँ जिसके क़दमों में जन्नत होती है