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Surah Hujrat | सुरह हुजरात के मुताबिक़, ये 5 आदतें मुस्लिमों को छोड़ देना चाहिए

surah al hujrat ki taleem

Surah Al Hujrat

सुरह अल हुजरात के मुताबिक़, ये 5 आदतें मुस्लिमों को छोड़ देना चाहिए

सूरह हुजरात : कुरान में 26 वें पारे में सूरह न. 49 है जिसका नाम हुजरात है , यह एक मदनी सुरह है, इस में उसूल और क़ानून पर रौशनी डाली गयी है और सोसाइटी में रहने के एटिकेट्स व आदाब बताये गए हैं जिन पर मुसलमानों को पूरी ज़िन्दगी फालो करना चाहिए । उन को अगर फालो न किया तो उनका नुक़सान न सिर्फ़ दुनिया में बल्कि आख़िरत में बहुत ज्यादा है |

उन में से कुछ अहम् पॉइंट्स हम यहाँ बयान करेंगे ।

1. दूसरों की जासूसी और गीबत करना

एक गुनाह इतना आम हो गया है कि कोई इसको गुनाह भी नहीं समझ रहा है और वो है गीबत ( पीठ पीछे किसी की बुराई ) । हम गपशप करते हैं, और हमारी ये गपशप धीरे धीरे किसी की बुराई करने में कब बदल जाती है हमें पता ही नहीं चलता | हम किसी के पर्सनल मामलात की जासूसी करते हैं और उनके बारे में जो मुंह में आता है बोल देते हैं। अगर ऐसी ही बात हमारे बारे में की जा रही होती तो हमें बुरा लगता ।

नबी स.अ. ने सहाबा से फ़रमाया : तुम जानते हो गीबत क्या है ? सहाबा ने अर्ज़ किया अल्लाह और उस के रसूल ज्यादा बेहतर जानते हैं, तो नबी ने फ़रमाया : अपने भाई का ऐसा ज़िक्र जो उसे नापसंद हो | ( 49 : 12 Surah Al Hujraat )

2. शक करना और बदगुमानी करना

कभी-कभी हम लोगों पर ज़रुरत से ज्यादा शक की नज़रों से देखते हैं, इस से न सिर्फ उस रिश्ते में Negativity पैदा होती है, बल्कि हमारे रिश्तों में दरार आ जाती है । इसी बेजा शक की वजह से बहुत सारे रिश्ते बर्बाद हो जाते हैं

बदगुमानी के नुकसान : अगर आप किसी से बेकार में बद गुमानी कर रहे हैं जैसे कोई आलिम है उसको जाहिल समझ रहे है तो उसके इल्म से महरूम रह जायेंगे अगर कोई आप को नफ़ा पहुंचा सकता है लेकिन आप उस से बद्गुमान है और दिल में उसे बुरा समझ रहे हैं इसलिए उस नफ़ा से महरूम रहेंगे |

3. दूसरों का मज़ाक उड़ाना और बेईज्ज़ती करना

किसी एक गलती की वजह से , किसी का मजाक उडाना और उसकी बेईज्ज़ती करना । मिसाल के तौर पर , एक इम्तेहान में खराब नंबर लाने पर बच्चा घर में और बाहर लगातार मजाक का शिकार हो जाता है जो उसे ज़हनी तौर पर मायूस करता है। किसी को बुरे नामों से पुकारना जिस से उस के दिल में तकलीफ होती हो |

पैगंबर मुहम्मद (PBUH) ऐसे शाइस्ता शख्स थे जिन्होंने साथियों तो छोड़ो दुश्मन के साथ भी कभी मजाकिया, या सख्त बरताव नहीं किया । ( 49 : 11 Surah Al Hujraat )

4. अपने दिल में खुद को बहुत अच्छा समझना और फ़ख्र करना

आप ने अपने दिल में एक छवि बना ली है कि आप बहुत अच्छे हैं और इसी वजह से किसी को नीचा दिखने में कोई कसर नहीं छोड़ते । तो यह जान लें कि अल्लाह उस के बारे में भी जानते हैं जो बाहर है और उस के बारे में भी जानते हैं जो हमारे दिलों में है और उसे सब पता है कि कौन कितने पानी में है |

5. किसी बात की तहक़ीक़ किये बगैर उसको दूसरों तक पहुँचाना

जैसे ही हम अपने किसी दोस्त या किसी जानने वाले से जुड़ी कोई खबर सुनते हैं, हम उसके बारे में बात करना शुरू कर देते हैं। और उस बात को सच मान कर दूसरों को भी मज़े ले ले कर बताते हैं हालाँकि अभी हमें ये नहीं पता कि ये सुनी हुई बात सही है या नहीं या ये सिर्फ उस शख्स पर इलज़ाम है जब तक हम दुसरे पक्ष की बात न सुन लें हमें किसी फैसले तक नहीं पहुंचना चाहिए | जिस तरह आप ये किसी की बात मज़े ले ले कर बता रहें है अगर कहीं उस की जगह आप होते तो आप क्या चाहते ?

नोट : जो शख्स बगैर किसी तहक़ीक़ बातें शेयर कर देता हो ऐसा शख्स ऐतबार और भरोसे के लाइक नहीं ( 49 : 6 Surah Al Hujraat )

 

नोट : अगर ये इनफार्मेशन आपको पसंद आए तो इसको नीचे दिए गए शेयरिंग बटन से शेयर ज़रूर करें | अल्लाह आपका और हमारा हामी व मददगार हो 

 

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One Comment on “Surah Hujrat | सुरह हुजरात के मुताबिक़, ये 5 आदतें मुस्लिमों को छोड़ देना चाहिए”

  1. Thanks for sharing your info. I truly appreciate your efforts and I am waiting
    for your next post thanks once again.

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