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Witr Ki Namaaz Kaise Padhen | वित्र की नमाज़ कैसे पढ़ें | Hindi

Witr Ki Namaaz Kaise Padhen | वित्र की नमाज़ कैसे पढ़ें | Hindi

हदीस 

 

हज़रात इब्ने उमर र.अ. से रिवायत है कि नबी स. अ. ने फ़रमाया : रात में अपनी आखिरी नमाज़ वित्र ( Witr Ki Namaaz ) बनाओ

वित्र की नमाज़ में सूरते कौन सी पढ़ें

एक सहाबी हज़रात आयशा र. अ. से पूछ कि नबी स. अ. वित्र की नमाज़ में कौन कौन सी सूरतें पढ़ते थे तो उन्होंने फ़रमाया कि नबी स. अ. पहली रकात में सूरह आला ( सब्बिहिस्मा रब्बिकल आलल लज़ी ) दूसरी रकात में सूरह काफिरून ( कुल या अय्युहल काफिरून ) तीसरी रकात में सूरह इखलास ( कुल हवाल लाहू अहद ) और कभी सूरह फलक और सूरह नास भी पढ़ते थे

नमाज़े वित्र कैसे पढ़ें 

वित्र की तीन रकातें हैं दो रकातें पढ़ कर बैठ जाये और फिर अत्ताहिय्यात पढ़ कर खड़ा हो जाये फिर सूरह फातिहा और कोई सूरत पढ़ने के बाद अल्लाहु अकबर कर हाथ कन्धों तक उठए और फिर हाथ बाँध ले और दुआए क़ुनूत पढ़े

 

 

हिंदी में 

 

 

ए अल्लाह ! हम तुझ से मदद चाहते हैं और तुझ से ही बख्शीश मांगते हैं और तुझ पर ईमान लाते हैं और तुझ पर भरोसा रखते हैं और तेरी बहुत अच्छी तारीफ़ करते हैं और तेरा शुक्र करते हैं और तेरी न शुक्री नहीं करते और अलग करते हैं और छोड़ते हैं उस शख्स को जो तेरी नाफ़रमानी करे ए अल्लाह हम तेरी इबादत करते हैं और तेरे लिए ही नमाज़ पढ़ते हैं और सजदा करते हैं और तेरी ही तरफ दौड़ते और खिदमत के लिए हाज़िर होते हैं और तेरी रहमत के उम्मीदवार हैं और तेरे अज़ाब से डरते हैं बेशक तेरा अज़ाब काफिरों को मिलने वाला है

अगर दुआए क़ुनूत याद न हो तो ये दुआ पढ़ लिया करे

रब्बना आतिना फिद दुनिया हसनतौ वाफिल आखिरति हसनतौ वाकिना अज़ाबन नार

अगर ये भी याद न हो तो

अल्लाहुम्मग फिरली तीन बार कह ले

अगर तीसरी रकात में दुआए क़ुनूत पढना भूल जाये और रुकू में चला जाये तब याद आया तो दुआए क़ुनूत न पढ़े बल्कि नमाज़ के ख़त्म पर सजदा सहव करले आयुर अगर रुकू छोड़ कर उठ खड़ा हुआ और दुआए क़ुनूत पढ़ ली तब भी नमाज़ हो गयी लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए और सजदा सहव इस सूरत में भी वाजिब है

वित्र की नमाज़ के मसाइल

  1. इमाम अबू हनीफा के नज़दीक तीन रकात एक सलाम के साथ वाजिब है उस को छोड़ देने से बड़ा गुनाह होता है और कभी छूट जाये तो फ़ौरन उसकी क़ज़ा करनी चाहिए

     2.वित्र की नमाज़ का वक़्त ईशा से लेकर सुबह सादिक से पहले तक है लेकिन बेहतर ये है कि उसको तहज्जुद के बाद पढ़ा जाये लेकिन अगर रात को उठने में शक हो तो ईशा की नमाज़ के बाद पढ़ लेनी चाहिए

3.अगर भूल कर नमाज़े वित्र ईशा से पहले पढ़ ली तो नमाज़ दुरुस्त हो जाएगी

 

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5 Comments on “Witr Ki Namaaz Kaise Padhen | वित्र की नमाज़ कैसे पढ़ें | Hindi”

    1. Allah mujhe or mere tamam momin bhai behno ko 5waqt ki namaz padhne ki toufeek ata farmaye aameen summa aameen

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