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Hadees ke Mutabiq Kaun Sa Life Partner Chune | सही जीवनसाथी पहचानें

Hadees ke Mutabiq Kaun Sa Life Partner Chune

Hadees ke Mutabiq Kaun Sa Life Partner Chune

सही जीवनसाथी कैसे पहचानें ?

 क्या आप अपने लिए या अपने किसी अज़ीज़ के लिए जीवन साथी की तलाश में हैं ?

क्या आप अपने लिए या किसी क़रीबी रिश्तेदार के लिए लड़की या लड़के की तलाश में हैं ?

तो इस पोस्ट को ज़रूर पढ़िएगा उम्मीद है आपको एक सही जीवन साथी चुनने में इससे आपको मदद मिलेगी

निकाह के लिए सही लड़के या लड़की का चुनाव करना हो तो ये 5 चीज़ें हमेशा सामने रखें

1. मालो दौलत

2. हसबो नसब (खानदान)

3. हुस्नो जमाल (ख़ूबसूरती)

4. दीन व अखलाक़

5. तालीम

shadi in hadees shareef

माल : इस में कोई शक नहीं कि पाँचों बातें अपनी जगह अहम् हैं मालो दौलत की अहमियत से कौन इनकार कर सकता है ख़ास कर इस दौर में |

खानदान : कुछ बातों को सामने रखते हुए खानदान और और हसबो नसब का भी ध्यान रखना ज़रूरी है क्यूंकि कुछ खानदानों या बिरादरियों में कुछ अख्लाकी, मुआशारती, ज़हनी, कमजोरियां पायी जाती हैं और उनका रहने सहने और सोचने का तरीक़ा भी कभी कभार ऐसा होता है कि जिससे एक अच्छी और ख़ुशगवार ज़िन्दगी की उम्मीद नहीं की जा सकती |

ख़ूबसूरती : हुस्नो जमाल ख़ूबसूरती को भी बड़ी अहमियत हासिल है और लड़की के चुनने में तो ख़ास तौर पर इसी पर फैसला होता है कि लड़की खूबसूरत है तो बस सब ठीक है, इससे इनकार की गुन्जाइश नहीं जब अल्लाह ने किसी को खूबसूरती दी है तो वो पसंद करने की चीज़ है ही |

तालीम : तालीम भी अपनी जगह बहुत अहम् है और आज कल तो तालीम और डिग्री का रिश्ते के मामले में ख़ास ख्याल रखा जाने लगा है और ये सच है कि ऊंची तालीम हौसलों को बलंद करती है, इज्ज़त व एहतेराम का जरिया बनती है, एक खुश हाल ज़िन्दगी की वजह बनती है |

दीन और अखलाक़ : जहाँ तक दीन और अखलाक़ का मामला है तो एक मुसलमान को इसकी क़दर करनी चाहिए, एक मुसलमान ये कैसा गवारा कर सकता है कि वो सब कुछ तो देखे लेकिन दीन और अखलाक़ का कोई ख्याल ही न रखे

Hadees ke Mutabiq Kaun Sa Life Partner Chune

आपकी ख्वाहिश और कोशिश अगर ये है कि आपकी बेटी या बेटे को ऐसा शरीके ज़िन्दगी मिले जिसमें ये पाँचों खूबियां पायी जाती हों तो आपकी तमन्ना भी मुबारक और आपकी कोशिश भी दुरुस्त है |

अगर आपको ऐसा जोड़ मिल जाता है जिसमें पाँचों खूबियाँ हों तो ये अल्लाह की ख़ुसूसी नेअमत और नवाज़िश है लेकिन अगर ऐसा जोड़ न मिल पाए तो भी आप सामने वाले में दीन और अखलाक को ही सब से ऊपर रखें |

रसूलुललाह स.अ. की इस सिलसिले में हदीस

नबी स.अ. ने फ़रमाया : निकाह के लिए आम तौर पर 4 चीज़ें देखी जाती हैं

(1) मालो दौलत  (2) खानदान  (3) ख़ूबसूरती  (4) दीन व अखलाक़– तुम्हारा भला हो तुम दीनदार से शादी करो

यानि दीन और अखलाक को अहमियत दें अगर इस के साथ दूसरी चार चीज़ें भी मयस्सर आ जाएँ तो उस पर खुदा का शुक्र अदा करें और बे वजह टाल मटोल न करें हाँ , अगर उस रिश्ते का आप इनकार कर रहे हों जिसमें सारी खूबियाँ हैं और दीन व अखलाक नहीं है तो आप सही हैं

मुसलमान माँ बाप के लिए देखने की सब से पहली चीज़ दीन व अखलाक़ ही है अगर इस के अलावा दूसरी चीज़ें न हों फिर भी आप ऐसे को अपनी बहु और दामाद बना लें क्यूंकि दीन व अखलाक से दूसरी तमाम कमियां पूरी हो सकती हैं, लेकिन जिस के अन्दर दीन व अखलाक न हो तो माल, ख़ूबसूरती, खानदान, जैसी चीज़ें इस कमी को पूरा नहीं कर सकती |

खुलासा ये है कि नबी स.अ. के फरमान के मुताबिक़ रिश्ते की तलाश जब शुरू करें तो नियत यही रहनी चाहिए दीन व अखलाक़ को सब से ज़्यादा अहमियत देंगे यही इस्लामी नजरिया है |

नोट : अगर ये इनफार्मेशन आपको पसंद आए तो इसको नीचे दिए गए शेयरिंग बटन से शेयर ज़रूर करें | अल्लाह आपका और हमारा हामी व मददगार हो 

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