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Method Of Wazu In Hindi | वजू कैसे करे | सुन्नत और फ़राइज़

Method Of Wazu In Hindi

वजू कैसे करे | सुन्नत और फ़राइज़

कुरान में अल्लाह का इरशाद है कि ऐ ईमान वालो ! जब तुम नमाज़ के लिए खड़े हो तो चाहिए की अपने मुंह और हाथ कुहनियों तक धो लो सर पर मसह कर लो और पैर टखनो तक धो लो

हदीस में हज़रत अबू हुरैरा रज़ियल लाहु अन्हु से रिवायत है कि नबी सल्लल लाहु अलैहिं वसल्लम में फ़रमाया जब तुम में से किसी का वुज़ू टूट जाये या वुज़ू न हो तो अल्लाह उसकी नमाज़ क़ुबूल नहीं करता जब तक वो वज़ू न कर ले

अब वुजू में कुछ चीज़ों का धुलना फ़र्ज़ है और कुछ का धुलना सुन्नत है आइये इसके बारे में तफसील से जाने

वज़ू में फ़र्ज़ चार है

 

1. चेहरे का धोना 

पेशानी के बालों से जहा बाल उगने की जगह है ठोड़ी के नीचे तक एक कान की लौ से दुसरे कान की लौ तक

 

2. दोनों हाथ कुहनियों समेत धोना 

इस तरह धोये की कुहनियां पूरी तरह भीग जाएं

 

3. चौथाई सर का मसह करना 

टोपी या कुछ जो सर पर हो उसे उतार कर अपने सर के चौथाई हिस्से का मसह करना

 

4. पैरों को टखनों समेत धोना 

इस तरह धोये की पैर निचला हिस्सा भी ख़ुश्क न रहे और एड़िया भी अच्छी तरह धूल जाये

वज़ू में दाढ़ी का क्या हुक्म है

दाढ़ी हलकी हो तो वज़ू में अंदरूनी खाल तक पानी पहुँचाना ज़रूरी है और घनी हो तो सिर्फ चेहरे के दायरे में दाढ़ी के जो बाल मौजूद है बस इन को ही धो लेना काफी है

वज़ू की सुन्नतें

वज़ू में फ़र्ज़ तो चार चीज़ ही है और बाक़ी काम फ़र्ज़ तो नहीं है सुन्नत और मुस्तहब ज़रूर है इसलिए यहाँ पर वज़ू की सुन्नतों के बारे में ज़िक्र किया जाता है

1.  निय्यत करना

2.  बिस्मिल्लाह पढ़ना

3.  मिस्वाक करना  

मिस्वाक की ताकीद और फ़ज़ीलत बहुत हदीसों में आई है एक रिवायत में है कि अगर मेरी उम्मत पर दुश्वार न होता तो मै हर वुजू के वक़्त उन्हें मिस्वाक का हुक्म देता ”  लेकिन अगर मिस्वाक न हो तो उँगलियां ही इस्तेमाल कर ले

 

4.  तीन बार हाथों को कलाइयों तक धोना

 

5.  तीन तीन बार कुल्ली करना वा नाक साफ़ करना

 

6.  हाथों और पैर की उँगलियों का खिलाल करना 

यानी एक हाथ कि उँगलियों के बीच में दुसरे हाथ कि उँगलियाँ डाल कर पानी पहुँचाना

 

7.  दाढ़ी का खिलाल करना 

यानी उँगलियाँ दाढ़ी के बालों में डाल कर अच्छी तरह रगड़ना और पानी पहुँचाना

 

8.  वजू में धुलने वाले आजा को तीन तीन बार धोना 

यानि हाथ पैर चेहरा वगैरा सभी तीन तीन बार धोना

 

9.  पूरे सर का मसह करना 

यानी सर के चौथाई हिस्से का मसह तो फ़र्ज़ है लेकिन पूरे सर का मसह सुन्नत है

 

10.  कानों और गर्दन का मसह करना

 

11.  वजू में धुले जाने वाले सब हिस्सों को मल मल कर रगड़ रगड़ कर धोना 

ताकि जिस्म में कोई बाल भी सूखा ना रहे

12.  वजू के हिस्सों को दाहिनी तरफ से धोना 

यानि वजू में धुले जाने वाले हिस्से जो दो दो है जैसे हाथ पैर तो इन में पहले दांयां धोना फिर बाया

 

13.  एक के बाद एक वजू के हिस्से को धोना 

यानि जैसे हाथ धोने के बाद कुल्ला करने में इतनी देर ना लगे कि हाथ सूख जाए

 

14.  तरतीब से वजू करना 

यानि ये नहीं कि पहले पैर धुले फिर हाथ बल्कि जिस तरतीब से बताया गया है वैसे ही करे

 

15.  पानी के इस्तेमाल में इह्तियात करना 

इहतियात का मतलब है कि पानी की फिजूलखर्ची ना करना

16.  वजू के बाद दुआ पढना

 

Ash Hadu Alla Ilaaha Il Lal Laahu 
Wa Ash Hadu Anna Muhammadan Abduhu Wa Rasooluh 
Allahummaj Alni Minat Tawwabeena
Wajalni Minal Mutatah Hireen

 

अश हदू अल्ला इलाहा इल्लल लाहू

व अश हदु अन्न मुहम्मदन अब्दुहु वरसूलुह

अल्लाहुममज अलनी मिनत तव्वाबीना

वजअलनी मिनल मुततःहिरीन

 

17.  वजू के बाद कम से कम दो रकात नमाज़ पढना

 

18.  वजू के वक़्त किसी की मदद न लेना 

मतलब कोई दूसरा कराए हां कोई मजबूरी हो तो अलग बात है

 

19.  अंगूठी को हरकत देना 

हरकत देने से मतलब पानी अच्छी तरह पहुंच जाए

 

20.  वजू या गुसल के बाद तौलिया वगैरा से पानी को खुश्क करना

 

21.  वजू से बचा हुआ पानी पी लेना

 

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